ओ मांझी रे अपना किनारा नदिया की धारा है
ओ मांझी रे, अपना किनारा, नदिया की धारा है
ओ मांझी रे
...
साहिलों पे बहने वाले, कभी
सुना तो होगा कहीं, ओ ...
हो, कागज़ों की कश्तियों का, कहीं
किनारा होता नहीं
हो मांझी रे
... मांझी रे
कोई किनारा
जो किनारे से मिले वो,
अपना किनारा
है ..., ओ मांझी रे ...
पानियों में बह रहे हैं, कई
किनारे टूटे हुए ओ ...
हो, रास्तों
में मिल गए हैं , सभी सहारे छूटे हुए ...
कोइ सहारा
मझधारे में मिले वो,
अपना सहारा
है ...
ओ मांझी रे, अपना किनारा, नदिया की धारा है
ओ मांझी रे
...
Comments
Post a Comment