हमें तुमसे प्यार कितना, ये हम नहीं जानते
हमें तुमसे प्यार कितना, ये हम नहीं जानते
मगर जी नहीं सकते तुम्हारे बिना
सुना गम जुदाई का, उठाते हैं लोग
जाने जिंदगी कैसे, बिताते हैं लोग
दिन भी यहाँ तो लगे, बरस के समान
हमें इंतज़ार कितना, ये हम नहीं जानते
मगर जी नहीं सकते तुम्हारे बिना
हमें तुमसे प्यार...
तुम्हें कोई और देखे, तो जलता है दिल
बड़ी मुश्किलों से फिर, संभालता है दिल
क्या क्या जतन करते हैं, तुम्हें क्या पता
ये दिल बेकरार कितना, ये हम नहीं जानते
मगर जी नहीं सकते तुम्हारे बिना
हमें तुमसे प्यार...
मगर जी नहीं सकते तुम्हारे बिना
सुना गम जुदाई का, उठाते हैं लोग
जाने जिंदगी कैसे, बिताते हैं लोग
दिन भी यहाँ तो लगे, बरस के समान
हमें इंतज़ार कितना, ये हम नहीं जानते
मगर जी नहीं सकते तुम्हारे बिना
हमें तुमसे प्यार...
तुम्हें कोई और देखे, तो जलता है दिल
बड़ी मुश्किलों से फिर, संभालता है दिल
क्या क्या जतन करते हैं, तुम्हें क्या पता
ये दिल बेकरार कितना, ये हम नहीं जानते
मगर जी नहीं सकते तुम्हारे बिना
हमें तुमसे प्यार...
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